धमतरी, 30 अगस्त (Udaipur Kiran) ।शहर में स्वच्छता व्यवस्था चरमराने लगी है। नगर निगम द्वारा सफाई व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन वास्तविकता इससे अलग दिखाई दे रही है। पिछले तीन दिनों से कई वार्डों में घरों से कचरा नहीं उठाया जा रहा है, जिसके चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घरों में कचरा जमा होने से दुर्गंध फैलने लगी है और नागरिकों को अस्वस्थ वातावरण झेलना पड़ रहा है।
नगर निगम ने शहर के 40 वार्डों को नौ जोन में बांटकर सफाई की जिम्मेदारी तय की है। इसके तहत स्वच्छता समूह की महिलाएं घर-घर से कचरा संग्रहित करती हैं। लेकिन कई इलाकों में समूह द्वारा समय पर कचरा उठाने का काम नहीं हो रहा है। नतीजतन लोग मजबूर होकर घरों में कचरा रखने को विवश हैं। कुछ नागरिक कचरा बाहर डाल देते हैं, जिसे कुत्ते व मवेशी फैला देते हैं। इससे सड़कों पर गंदगी का अंबार लग रहा है और स्वच्छता अभियान पर सवाल उठ रहे हैं। नागरिक जयकुमार देवांगन, टोकेश देवांगन, मोहनलाल साहू, प्रीतम साहू और आनंद राम ठाकुर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि निगम को सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीरता दिखानी चाहिए। यदि स्वच्छता समूह किसी कारणवश कचरा नहीं इकट्ठा कर पा रहा है, तो इसकी जानकारी आम जनता को दी जानी चाहिए। समय पर सूचना न मिलने से लोग असमंजस में रहते हैं और गंदगी का सामना करना पड़ता है।
इस संबंध में स्वच्छता निरीक्षक शशांक मिश्रा का कहना है कि सभी वार्डों से कचरा नियमित रूप से संग्रहित किया जा रहा है। यदि किसी वार्ड में कचरा संग्रहण नहीं हो रहा है तो इसकी जांच की जाएगी और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा।
नागरिकों का कहना है कि कचरा न उठने से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी खतरनाक हो सकती है। लोगों ने नगर निगम से नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है ताकि शहर स्वच्छ और स्वस्थ रह सके।
(Udaipur Kiran) / रोशन सिन्हा
You may also like
एससीओ समिट से पहले बोले पुतिन, 'सबसे बेहतर दौर में रूस-चीन संबंध, ब्रिक्स को मजबूत करने पर कर रहे काम'
कॉमेडियन समाय रैना का 'स्टिल अलाइव एंड अनफिल्टर्ड' शो: मुंबई में शानदार प्रदर्शन
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पर अभद्र टिप्पणी करना भाजपा विधायक के भाई को पड़ा महंगा
Axar Patel को लग सकता है बड़ा झटका, IPL 2026 में छीनी जा सकती है Delhi Capitals की कप्तानी
भारत, चीन, रूस... क्या ट्रंप के टैरिफ को टक्कर दे पाएगी यह तिकड़ी? जानें अमेरिका के मुकाबले कितने मजबूत हैं ये तीनों देश