जयपुर, 29 अगस्त (Udaipur Kiran) । राजस्थान हाईकोर्ट ने नीट यूजी 2025 की स्टेट कोटे की सीटों के आवंटन से जुडे मामले में ओबीसी नॉन क्रीमी लेयर अभ्यर्थियों को इस श्रेणी का लाभ देने को कहा है। वहीं अदालत ने गुर्जर समुदाय से जुडी याचिकाकर्ता अभ्यर्थी को इस श्रेणी के तहत काउंसलिंग में शामिल करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही अदालत ने मामले में केन्द्र सरकार, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और नीट यूजी चेयरमैन सहित अन्य से जवाब तलब किया है। जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने यह आदेश प्रज्ञा सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता रेखा कुमारी गुप्ता ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता गुर्जर समुदाय की है और प्रदेश में ओबीसी नॉन क्रीमी लेयर श्रेणी में आती है। वहीं केन्द्रीय सूची में इस श्रेणी को सामान्य वर्ग में माना गया है। याचिका में कहा गया कि नीट यूजी, 2025 के सूचना बुलेटिन में कहा गया है कि जो अभ्यर्थी राज्य की सूची के तहत ओबीसी नॉन क्रीमी लेयर में आते हैं, लेकिन केन्द्रीय सूची में इस श्रेणी में नहीं है, उन्हें सामान्य वर्ग में ही माना जाएगा। इसके चलते याचिकाकर्ता को जबरन सामान्य वर्ग के माना गया।
याचिका में कहा गया कि ओबीसी क्रीमी लेयर वर्ग की कट ऑफ से अधिक अंकों के बावजूद इस श्रेणी की काउंसलिंग में शामिल नहीं किया जा रहा है। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को ओबीसी नॉन क्रीमी लेयर श्रेणी में शामिल करने के निर्देश देते हुए अन्य समान अभ्यर्थियों को भी इस श्रेणी का लाभ देने को कहा है।
—————
(Udaipur Kiran)
You may also like
Sagar: खूनी संघर्ष में पिता-पुत्र की हत्या, बिजरी गांव में दहशत और सन्नाटा पसरा, भारी पुलिस बल तैनात
PAK vs AFG: सलमान आगा और हारिस रऊफ़ चमके, पाकिस्तान ने ट्राई सीरीज़ में अफ़ग़ानिस्तान को 39 रन से हराया
The Summer I Turned Pretty: अंतिम तीन एपिसोड का ट्रेलर जारी
ज्यादा बोलूंगा तो विवाद खड़ा हो जाएगा... महुआ मोइत्रा के खिलाफ बीजेपी नेता रमेश बिधूड़ी के बिगड़े बोल
भारतीय सेना ने 'कन्वर्ज कैप्सूल-2' का किया सफल आयोजन